Chanakya Suvichar || Suvichar in Hindi By Chanakya || Chanakya Neeti

Chanakya Suvichar || Suvichar in Hindi By Chanakya || Chanakya Neeti

Top Chanakya Suvichar ( चाणक्य सुविचार ) in Hindi Language. Suvichar in Hindi By Chanakya With Images. Chanakya Niti ke Suvichar.

शक्तिशाली शत्रु और कमजोर मित्र हमेशा ही नुकसान देते हैं।


जब विनाश के दिन आते हैं तो बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है।


नारी और धन दोनों ही कभी भी धोखा दे सकते हैं इसलिए इन दोनों के बारे में सदा होशियार रहें।


मौत कभी सोती नहीं, वह हमेशा जागती रहती है, इसलिए मौत को कभी मत भूलो।


दूसरों का भला चाहने वाले ही आत्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं।


तीर्थ यात्रा पूजा एवं तीर्थ स्थान यह सब मन की खुशी के लिए होते हैं।


दूसरे हाथों में गया हुआ धन कभी वापस नहीं आता।


विद्या निरंतर अभ्यास करने से ही आती है।


शिक्षा एक ऐसा धन है जिसे कोई चोर चुरा नहीं सकता और ना ही कोई छीन सकता है।


समय का कोई मूल्य नहीं है, इससे लाभ उठाने वाले ही आगे बढ़ते हैं।


इस संसार में कोई ऐसा प्राणी नहीं है जिसमें कोई दोष न हो।


इंसान अपने कर्मो से बड़ा बनता है अपने जन्म से नहीं।


जब आप किसी कार्य को करना शुरू करे तो असफलता के भय से पीछे मत हटे, जो इंसान पूरी श्रदा से काम करता है वह ही हमेशा खुशी प्राप्त करता है।


फूल की खुशबू हवा की दिशा में बहती है, परन्तु मनुष्य की अच्छाई चारो ओर जाती है।


मनुष्य को कभी बहुत सत्यवान नहीं बनना चाहिए, क्योंकि सीधे पेड़ो को सबसे पहले काटा जाता है।


हर मित्रता के पीछे कुछ न कुछ कारण होता है, और यह मनुष्य के जीवन की एक सच्चाई है।


जैसे ही भय निकट पहुंचे उस पर वार करके उसे मिटा दे।


आपके बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र होते है।


अपने धन को हमेशा उसके सही हकदार को दे, क्योंकि समुन्द्र का खारा पानी बादलो में जाकर मीठा बन जाता है।


एक सूखा वृक्ष पूरे जंगल में आग लगा देता है, जिस प्रकार एक नालायक लड़का पूरे परिवार को।


भगवान कभी भी लकड़ी या पत्थर में नहीं मिलेंगे, उनका प्राप्ति का मार्ग आपके विचार और ख्याल है।


सबसे बड़ा गुरु मंत्र है कि अपने रहस्य किसी के भी साथ मत बांटें।


चाहे साप जहरीला ना हों तभी उसे जहरीला होना का प्रतीत करवाना चाहिए।


एक मनुष्य, जो अपने घर के सदस्यों के साथ बहुत करीब होता है, उसे हमेशा भय और दुख का अहसास होता है, क्योंकि हर दुख का कारण लगाव होता है। अपने जीवन में खुश रहने के लिए आपको इस लगाव को उठा फेकना होगा।


 जिस इंसान का ज्ञान किताबो से सीमित है और उसका धन दूसरो से, तब ज़रूरत पड़ने पर न तो वह ज्ञान का इस्तेमाल कर पाएगा और ना ही धन का।


उन लोगो से दूर रहे जो आपके सामने बहुत मीठा बोले पर आपके पीछे आपको बर्बाद करने की कोशिश करे, ऐसे लोग एक ज़हर के घडे की तरह होते है जो मलाई की परत से अपने आप को सजाए रखते है।


वो मनुष्य जो दूसरो की गलतियों और कमियों के बारे में बात करते है वह स्वयं को उस खोखले चिती के टीलों की तरह बरबाद करने में लगे रहते है।


जिसके आप हकदार है उससे कम में कभी भी राज़ी मत हो, यह घमंड नहीं ये इज़ात है।


वह मनुष्य जो अपने भविष्य के बारे में सुनिश्चित है वह ही संतुष्ट होता है, जो केवल भाग्य पर निर्भर करता है वह अपनी बर्बादी स्वयं करता है।


अगर आपको एक दुष्ट इंसान और एक साप के बीच में चयन करने को मिले तो सर्प का ही चयन करे, क्योंकि सर्प अपने बचाव के लिए कटेगा पर एक दुष्ट इंसान कहीं भी और कभी भी आपको दस सकता है।


सिर्फ दो ही तरीके है दुष्ट इंसान और कांटो से बचने के लिए या तो उनको कुचल दे या तो उनसे दूर रहे।


किसी आलसी इंसान के लिए कोई भविष्य या आतीत नहीं होता।


मानुष जन्म भी अकेला लेता है और मारता भी अकेला है, अपने कर्म के परिणाम का भोग भी अकेले करता है, और अकेले ही नरक या भगवान के पास जाता है।


दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है।


जैसे एक शीशा मनुष्य की चहरे को बयां करता है उसी प्रकार उसके दोस्त उसके व्यक्तवित को बयां करते है। मनुष्य को अपने दोस्तो का चयन बहुत ध्यान से करना चाहिए क्योंकि वह उसके व्यक्तवित को रूपांतरित करते है।


कोई भी एक शक्तिशाली मस्तिष्क को परास्त नहीं कर सकता।


दूसरों की गलतियों से शिक्षा लो, अपने गलतियों से सीखने में जिंदेगी निकल जाएगी।


विनम्रता, आत्म संयम की जड़ों में प्राप्त होगी।


भगवान आपको मिट्ठी की मूर्ति में नहीं मिलते, आपके भावनाए ही आपके भगवान है, और आपका शरीर आपका मंदिर है।


उन लोगो से कभी दोस्ती न करे जो आपके अवधे के ऊपर या नीचे हो, क्योंकि ऐसे दोस्ती आपको कभी खुशी नहीं दे सकते है।


जब अफसर आए तो राजा को बिना समय गंवाए उसका इस्तेमाल करना चाहिए।


जब आप का जवान पुत्र 16 आयु वर्ष का हो तब उससे एक सच्चे मित्र की तरह वह वहवहार करे।

jab aap ka javaan putr 16 aayu varsh ka ho tab usase ek sachche mitr kee tarah vah vahavahaar kare.


जैसे एक अंधे व्यक्ति के लिए आइना होता है, उसी प्रकार एक मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबे।


हमे बीते हुई कल का दुख होना चाहिए और ना ही भविष्य की चिंता। एक विवेकमान व्यक्ति हमेशा अपने वर्तमान में रहता है।


हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वतः रुचि छिपी रहती है, और यह दुनिया का कड़वा सच है कि ऐसा कोई मित्र नहीं होता जिसमें कोई स्वतः रुचि का भाव ना हो।


एक दुष्ट व्यक्ति में सभी प्रकार के जहर का घोल अपने अवशोषित सीमा की चरम में पाया जाता है।


सेवक की तब जांच करे जब वह कार्य में लगा हो, रिश्तेदार को कठिनाई में, दोस्त को संकट में और पत्नी को आफ़त के समय में।


मानुष को एक सीख शेर से लेने योग्य है कि जो भी  मानुष अपने जीवन में करे वह पूरे दिल और जबरदस्त प्रयास के बिना मत करे।


सारस की भांति एक विवेकमान व्यक्ति को अपने इन्द्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए।


एक बुद्धिमान व्यक्ति का कभी कोई शत्रु नहीं होता।


किसी भी प्रकार के भय में बदनामी का भय सबसे बड़ा होता है।


एक मूर्ख से अपनी तारीफ सुनने के बजाए, एक बुद्धिमान व्यक्ति से दांट खाना ज़्यादा बेहतर है।


शिक्षा इंसान का सबसे बड़ा मित्र है, एक शिक्षित व्यक्ति का हर जगह सम्मान होता है।


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