Gautam Buddha ( महात्मा बुद्ध ) Quotes in Hindi || Lord Budhha Suvichar

Gautam Buddha ( महात्मा बुद्ध ) Quotes in Hindi || Lord Budhha Suvichar

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gautam buddha quotes in hindi

यदि आपने राह नहीं बदली होती तो आप वही होते ज़हा आप जाना चाहते थे।


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मन ही सब कुछ है। जो आप सोचते है वहीं आप बन जाते है।


जिसकी शुरुआत है उसका अंत निश्चित है, इसके साथ सामंज्य रखकर अमन प्राप्त करे।



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यदि आपको आध्यात्मिक मार्ग पर कोई सहारा नहीं मिले, तब रुको मत, अपनी शुरुआत अकेले करो।


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जो आप सोचते है वह बन जाते है। जो आप महसूस करते उसे आकर्षित करते है। और जो आप कल्पना करते है उसे आप सृजन करते है।


आप अपने क्रोध के लिए दंडित नहीं होते, आपका क्रोध ही आपको दंडित करता है।


जो सबसे कम में खुश रहते है, उसी व्यक्ति के पास सबसे ज़्यादा होता है।


रास्ते आसमन में नहीं पाए जाते, ये दिल से प्राप्त होते है।


हर दिन एक नया अवसर है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका आतित कितना मुश्किल था, आप हर बार एक नई शुरुआत कर सकते है।


आपको आपके अलावा कोई दूसरा नहीं बदल सकता। आपको अपनी बनाई हुई राह पर ही चलना है और उसका भोग भी आपका है।


शब्दों के अंदर निर्माण और विनाश की शक्ति होती है। जब वह सत्य और सुंदर होते है, तब उनके पास दुनिया बदलने की क्षमता होती है।


ध्यान से ज्ञान कि प्राप्ति होती है, ध्यान की कमी से अज्ञानता की।


प्रशन करते रहे और अपनी प्रकाश को स्वयं खोजें।


स्वयं पर विजय प्राप्ति एक बहुत बड़ा कार्य है, और सबसे बड़ी जीत वहीं होती है।


दर्द निर्धारित है परन्तु पीढ़ा चयनवान है।


चाहे आप कितने ही सूत्रों का ज्ञान क्यों न रखे, क्या ही वह आपका भला कर पाएंगे जब आप उनपर क्रियावान नहीं होते।


हर सुबह हम फिर से जन्म लेते है, और क्या हम आज करेंगे वह ही मायने रखेगा।


जो भी आप पढ़े उस पर हमेशा यकीन मत करे जब तक वह आपकी व्यहवारिक बुध्दि के साथ मेल नहीं खाएं।


हर मनुष्य अपनी स्वास्थ्य और रोगों का कथनायक होता है।


दान कीजिये, चाहे आपके पास कितना ही थोड़ा क्यों न हो।


एक कार्य जिसका विकास एक विचार से हुआ ज़्यादा महत्वपूर्ण है एक विचार से जो एक विचार के ही रूप में रह गया।


यदि हम एक पुष्प के पूरे सौन्दर्य का ग्रहण कर पाए, तब निश्चित रूप से हमारा पूरा जीवन बदल जाएगा।


खुशी कोई बनी बनाई वस्तु नहीं, यह आपके कर्मों से ही निर्मित होती है।


खुशी एक रूप से अच्छा स्वास्थ और एक बुरी यादाश है।


अपने शरीर को स्वस्थ रखना एक कर्तव्य है, नहीं तो आप, अपने मन को स्वस्थ नहीं रख पाएंगे।


एक मुंबती से हजार और मुंबतियो को रोशन किया जा सकता है, और हर मोमबत्ती उतना ही देर तक रोशनी देती है, उसी प्रकार खुशियां बांटने से कभी कम नहीं होती।


हजार व्यर्थ शब्द से एक शांति का शब्द बेहतर है।


यदि आप स्वयं से सच में प्रेम करते, तब आप किसी और को कभी दुःख नहीं पहुंचाते।


नफ़रत कभी नफरत से नहीं मिटाया जा सकता, इसे प्रेम से ही मिटाना होगा, यह ही सबसे बड़ा सत्य है।


एक मनुष्य अपने रास्ते पर केवल दो गलतियां करता है, पहला उस रास्ते का सफर पूरा नहीं करना और दूसरा अपने सफर की शुरुआत नहीं करना।


सांसारिक दुनिया के साथ शांति तभी प्राप्त की जा सकती है जब स्वयं के साथ आंतरिक सामंजस्यता प्राप्त हो।


अपने मार्ग के उस अंत तक चलते रहिये, ज़हा दुनिया समाप्त होने लगे और दिमाग शांत।


सभी के लिए दयालु रहे, चाहे वह आमिर हो या गरीब, सभी के अपने कष्ठ है, ज़्यादा या कम।


अगर आपको कोई अच्छा साथी न मिले तो अकेले ही बड़ चल, अकेलेपन ज़्यादा बेहतर है उस इंसान के साथ रहना हो आपको आगे बढ़ना से रोकता है।


जो इस बात को समझ लेता है कि इस दुनिया में कुछ स्थिर नहीं होता और हर चीज़ का अंत निश्चित है, तब इस दुनिया के दुख से वह कभी नहीं परेशान होता।


अपने आतित में ज़्यादा मत दूबिए, अपने भविष्य के बारे में ज़्यादा मत सपने देखिए, अपने ध्यान को वर्तमान में केंद्रित रखिये।


सुख प्राप्ति का कोई रास्ता नहीं, सुख प्राप्ति ही रास्ता रुपी है।


अतीत बीत चुका है और भविष्य अभी आया नहीं है। इसलिए आप वर्तमान के पल में ही जीवित रहे।


परेशानी यह है कि आप को लगता है कि आप के पास वक्त है।


जीभ एक ऐसी धारीदार खंजर है, जो बिना रक्त बहाये कतल करती है।


क्रोध को पालना मतलब खुद ज़हर पीकर दूसरे के मारने का इंतजार करना है।


शांति भीतर से आती है। इसे बाहर मत तलाशे।


इस दुनिया में सभी दुख और पीड़ा का कारण लगाव का भाव होता है।


अपना उद्धार स्वयं करें। दूसरों पर इसके लिए निर्भर न रहे।


इस संसार में इतना भी अंधकार नहीं की वह एक मोमबत्ती की रोशनी को भूझा सके।


एक जग बूंद – बूंद से ही भरता है।


किसी गलती को याद रखकर चलना यानी कि मन को भोज से दबाना।


खुशी से अपने मंज़िल के सफ़र पर चलना, कई गुना बेहतर है, अपनी मंज़िल पर खुशी से पहुँचने के।


जो लोग हर चीज की राय रखकर चलते है, वह दूसरों इस राय से परेशान ही करते है।


एक पल एक दिन बदल सकता है, एक दिन एक जीवन को बदल सकता है और एक जीवन दुनिया को बदल सकता है।


अगर आप सही दिशा में देख रहे है, तब एक ही कार्य आपको करना है उस पर बिना सिर घुमाए सीधे चलते रहना है।


असली प्यार की शुरुआत समझदारी से होती है।


जो 50 लोगो से लगाव करता है उसे 50 कष्ट है। और जिसका कोई लगाव नहीं उसका कोई कष्ठ नहीं।


सुख ज़्यादा पाने में नहीं, सुख ज़्यादा देने में है।


एक अनुशासित मन ही सुख का सबसे बड़ा राज़ है।


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