Morari Bapu Suvichar Images ( मोरारी बापू सुविचार इमेजेज  ) || Morari Bapu Quotes

Morari Bapu Suvichar Images ( मोरारी बापू सुविचार इमेजेज ) || Morari Bapu Quotes

Morari Bapu Suvichar Images in Hindi and English With Images ( मोरारी बापू सुविचार इमेजेज ). Morari Bapu Quotes and Thoughts with Photos.


Morari Bapu Quotes

जैसे अमरूद कोई रसमात्र नहीं है, गन्ना केवल नदी नहीं है, हनुमान जी केवल बन्दर नहीं है, ऐसे मेरे भाई बहन – अन्यदान केवल दान नहीं है, यह ब्रम्ह वितरण की प्रवति है।

1. Just like guava is just not a fruit juice, sugarcane is not just a river, Hanuman Ji is not just a monkey, my children like this – Food Donation is not just charity, it is the trend of distributing Brahma.


Morari Bapu Quotes

किसी के यहाँ मेहमान – मन देख कर हुआ जाता है, माकन देख कर नहीं।

2. We become the guest by perceivement of someone’s mind, not someone’s house.


Morari Bapu Quotes

इंसान की प्रवर्ति -परिणाम प्रवृति है। एक व्यक्ति को रोटी खिला दो तो उसके चेहरे की रौनक बदलेगी, एक परिणाम, वो तृप्त हुआ या नहीं हम तृप्त ज़रूर हो जायेंगे।

3. Man’s nature is the nature of resultants. If you feed bread to a person, his face will change, as a result, whether he is satisfied or not, we will surely become satisfied.


Morari Bapu Quotes

प्रत्येक व्यक्ति अगर पांच – पांच व्यक्ति की मदद कर दे, तो ये बहुत बड़ा काम हो जाएगा। पर हम इतनी परतो से देखते है की हमें मदद के लिए कोई नहीं दिखता।

4. If every person can help five people, then it will be a huge accomplishment. But we see so many layers that we can’t see anyone to help.


Morari Bapu Quotes

लोग जब साधना को जीवन से बिलग करते है, जो मुझे बड़ा आश्चर्य होता है, साधना कोई बिलग वास्तु थोड़ी न है की एक झांटे करलो और बात ख़तम, जीवन ही साधना है, इस पक्ष में मैं हूँ।

5. When people say meditation and life are two different entities, it makes me very surprised. Meditation isn’t something that you can do for an hour a day and that’s all , Life is Meditation.


अक्षय पत्र की सद्प्रवीति मानव जात की पूजा हैं। सेवा के माध्यम से ये एक पूजा है।

6. The virtue of Akshaya Patra is the worship of mankind. It is an act of worship through service.


बुध पुरुष निदान करता है, बुद्धू निंदा करता है।

7. A wise person provides a solution, a fool condemns.


बहुत दूर तक जाना परता है, नज़दीक वालो को पहचानने के लिए।  मेरी राये यह है  की दुसरो को जानने की कसरत ही मत करो, जितना दुसरो को जानो गए राग देश बटेगा।

8. You have to travel a lot to find the closest person to you. My opinion is that do not exercise to delve into others, as much you delve into them the more it becomes problematic.


अति रौशनी आँखों को अँधा कर सकती है, अति जानकार होना ठीक नहीं है, थोड़ा अनपढ़ भी रहिये।

9. Extreme light can make the eyes blind, it is not right to be very knowledgeable, be a little illiterate too.


गंगा में अगर कोई मैले गंदे कपड़े पहन कर नहाने जाये, तो गन्दा पवित्र हो जाता है, गंगा अपवित्र नहीं होती है। 

10. In the Ganges, if someone goes to bathe in wearing dirty clothes, the dirty person becomes pure, Ganga never becomes dirty.


मन सुखी हो सकता है या दुखी हो सकता है, परन्तु मन प्रसन्न कभी नहीं हो सकता।

11. The mind may be in content or discontent, but the mind can never become happy.


एक गुरु के बिना प्रसन्न होना असंभव है। अकारण कुछ किये बिना जब आप अचानक  प्रसन्न हो जायो तब याद करना उस गुरु को जिसने तुम्हारा स्मरण किया है।

12. It is impossible to be happy without a guru. When you suddenly become happy without doing anything without any reason, then remember the guru who has remembered you.


चैतेनिक प्रसन्नता केवल गुरु प्रसार है, और कोई मार्ग नहीं।

13. Chantic delight is only through the medium of Guru, and there is no way.


प्रसन्न रहना है तो कभी किसी से इस्पर्धा मत करो, अपने आप अपनी गति करो प्रसन्न स्वयं हो जाओगे।

14. If you want to be happy then never compete with anyone, do your own pace and you will be happy yourself.


प्रसन्न रहना है तो वर्तमान में जेने की कोशिश करो, अभी आनंद में जिओ, वर्तमान में जिओ वो आदमी प्रसन्न रह सकता है।

15. If you want to be happy then try to live in the present, live now in joy, the person who can live in the present can remain happy.


प्रसन्न रहना है तो जितना हो सके हरी नाम का आश्रय करो।

16. If you want to be happy, then take shelter in the name of Hari as soon as possible.


सुबह का समय प्रकृति का स्वाद लेने का समय है, कभी जागते ही क्रोध मत करे चाहे कारण हो या नहीं।

17. Morning is the time to taste nature, never get angry once you wake up in the morning.


कुछ भी नहीं करना, हरी भजन है, कुछ भी करोगे तो बंधन आएगा।

18. Doing nothing is a hymn, if you do anything, there will be bondage.


जब भोजन करो तब कभी क्रोध मत करना, तुम्हारी थाली में जिसने भी परोसा है अन्य नहीं परोसा है उसने ब्रम्ह परोसा है।

19. Never be angry when you have food, whoever has served in your plate has not served food, he has served Brahm.


घर से कही बहार जायो तो क्रोध करके बहार मत जाना मुस्कराकर जाना। और जब वापस घर आयो तो क्रोध भरे चित से मत आयो।

20. If you go out from home, do not go out in anger, go with a smile. And when you come back home, don’t be in an angry mood.


जब आखिर में कुछ भी नहीं करना है और अब सो ही जाना है तब क्रोध करके मत सो। सुर बन कर सो असुर बन कर नहीं, करण बन कर सो कुंभकरण बन कर नहीं।

21. When finally nothing has to be done and now you have to go to sleep then do not sleep in anger. Sleep like a lord not like an evil, sleep like Karan, not like Kumbh Karan.


अहिंसा ही परम धर्म है।

22. Ahimsa is the ultimate religion.


इर्षा जीव से होती है और निंदा जीभ से होती है।

23. Jealousy is from the creature and condemnation is from the tongue.


निंदा वह ग्यारवा रस है जिससे कोई क्षेत्र मुक्त नहीं होता चाहे वह धर्म क्षेत्र क्यों न हो।

24. Condemnation is that eleventh juice from which no field is liberated and not even the religious field.


रात्रि में जो निद्रा से मुक्त हो जाये और दिन में जो निंदा से मुक्त हो। ऐसे बुध पुरुष के पैर पकड़ने में देर मत करना।

25. The person who in the night that is freed from sleep and in the day is freed from condemnation. Do not delay in catching the feet of such a wise man.


आप के मन में जो अचानक पहला विचार आये, उसको करने में विलम्भ मत करना क्योकि वह विचार तुम्हारा नहीं किसी और ने तुम्हे दिया है।

26. Do not be afraid to do the first thought that suddenly comes to your mind, because that first thought is not yours someone has put that in your mind.


कोई भी कवी जब एक कविता लिखता है तो पहली पंक्ति परमात्मा की होती है बाकी सब तुकबंदी होती है।

27. When any poet writes a poem, the first line is devoted to the divine, everything else is then rhymed.


कोई दिन असाधारण न बनो असाधारण बीमारी है। साधारण स्वास्थ है।

28. Do not try to be extraordinary any day as extraordinary is a disease. Ordinary is a healthy one.


साधगुरु साधारण होता है, साधारण में ही सहजता है।

29. Sadhguru is always ordinary, the great always resides in the ordinary not in extraordinary.


बच्चे जितने ही साधारण होते है उतना ही प्यार आता है, बड़े जितने आसाधारण होते है प्रणाम करके चलना पड़ता है।

30. The more children are as ordinary, the more love comes, the older they are, the more they turn extraordinary, the more we only greet them when we meet them.


जिसको परमत्मा से प्रेम व महोबत है, उसके लिए मुक्ति कुछ नहीं।

31. Salvation is nothing for someone who has love and glory with the Supreme Soul.


आप रात्रि के पेहरि है मैं  दिन का पेहरि हु। आओ बाँट ले और 24 घंटे लोगो को जगाये रखे।

32. You are the night, I am the day. Come and share and we will keep the people awake.


जिस पर पारात्मा की कृपा आने लगती है, भगवान उस पर शनै शनै धन कम कर देता है।

33. On which the grace of the divine begins to come, God reduces the resort of the wealth above his head starts to decrease.


परात्मा को ध्यान में रख कर कोई कथा गाई जाए तब कथानानन्द और श्रवणानंद दोनों प्राप्त होता है।

34. If a story is sung keeping the Paratma in mind, then both Kathananand and Shravanananda are received.


मन को प्रसन्नता की इच्छा होती है, बुद्धि विवेक में श्रद्धा रखती है, चित एकाग्रता में रूचि रखता है और अहंकार मोच में रूचि रखता है। और आत्मा की भूख है आनंद।

35. The mind desires happiness, the intellect is reverent in the conscience, the mind is interested in concentration and the ego is interested in sprain. And the soul’s hunger is bliss.


एक शरण भी कर्म के बिना नहीं जाता।

36. Even a tiny moment does not go without karma.


परात्मा की इच्छा से ही कर्म होता है, और परात्मा की इच्छा से ही फल मिलता है, इससे ख़ुशी से स्वीकार करो।

37. Karma is done only by the desire of the soul, and it is only by the desire of the soul that you receive fruit, accept it with pleasure.


वाणी की शुद्धि बहुत आवश्यक है।  सत्य भोलो तो भी प्रिय भोलो, कटु वचन के उसे कठोर मत बनाओ।

38. The purification of speech is very important. Even if you speak the truth, make it sweet, do not make it harsh by harsh words.


तुम किसी पर करुणा करू तो ये भी सुन्दर होनी चाहिए आसुंदर नहीं।

39. If you have compassion on someone, it should also be beautiful.


वाद करो विवाद न रहो। दुर्वाद मत करो, किसका का अपवाद मत करो।  संवाद करो।

40. Do speak but do not argue. Do not misbehave, do not humiliate anyone. Communicate.


जो कार्य तुम्हे ईश्वर द्वारा दिया गया है उसे कर, पर परात्मा का स्मरण मत शूरना।

41. Do the work given to you by God, but don’t forget to recall the name of the supreme.


तेरे चाहने वाले काम नहीं होंगे तेरी महफिल में हम नहीं होंगे।

42. There will be no reduction of compassion in the number of people in your life, only just I will not be that number.


कभी साधु संत की निन्दा मत करना, ये उनका कर्तव्य है कि ये अपना वेश कैसे करे, परन्तु आपका ये नहीं कि आप उनकी आलोचना करे।

43. Never condemn a saint, it is his duty to look the way they are, but it is not your duty to criticize him.


एक विद्यावान के मुख से कथा आपको समझ आएगी लेकिन आपके हृदय से टकराकर चली जाएगी, एक साधु के मुख से कथा आपके मन और हृदय दिनों में समा जाएगी।

44. You may understand the words told by the scholar through the mind but will create a dilemma in your heart. But the words from the mouth of the saint will resonate completely with your mind and your heart.


गुरु से उपर कोई तत्व्य नहीं। और मौन गुरु वायु रूपी होता है।

45. There is no element above Guru. And the Silent Guru is just like form of air.


गुरु की कृपा से ईश्वर के रहस्य जाने जाते है परन्तु गुरु के रहस्य जाना बहुत मुश्किल है।

46. The secrets of God are known by the grace of the Guru, but it is very difficult to unveil the secrets of the Guru himself.


संसार का जो सार समझा दे वो गुरु है, नकी जो इस संसार से मुक्त कराए।

47. The essence of the world is explained by the Guru, the one who frees us from this world.


भजन ही भक्ति के भाव महल में भोग करने का तरीका है।

48. Bhajan is the way to enjoy in the palace of Bhakti.


मानुष के जीवित होने से बड़ा चमत्कार कहा दिखेगा।

49. Where is a greater miracle than seeing a Human being existence.


कर्म ही भोग की स्थापना है, कर्म से मुक्ति कभी नहीं मिल सकती।

50. Karma is the establishment of the fruits you will reap, freedom from karma can never be attained.


हार्दिक सत्य बौद्धिक सत्य से ज़्यादा महत्त्व है।

51. Hear’s truth is more important than intellectual truth.


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