1.  इंसान कभी गलत नहीं होता।  उसका वक्त गलत होता है, क्योंकि विपत्ति में यही कहा जाता है कि इंसान गलत है। 
  2.  मनुष्य के जीवन में शादी एक ऐसी दुर्घटना है जहां पर मरहम से पहले हल्दी लगा दी जाती है। 
  3.  इस जगत में हमारे कोई मित्र या शत्रु नहीं होता बल्कि हमारा मन ही हमारा मित्र शत्रु होता है। मन के ऊपर उठकर देव तुल्य बनता है या नीचे गिरकर पशु तुल्य बनता है। 
  4. आकाश में विहार करने वाले अंधकार को दूर करने वाले चंद्रमा को भी राहु ग्रस्त कर लेता है, अन्तः होना बलिदान है। 
  5. उस धन से क्या प्रयोजन जो ना देने के काम आए और ना सदुपयोग करने में। 
  6. सकारात्मक सोच हमारे जीवन पर बहुत गहरा असर डालती है। नकारात्मक सोच कर बैठी अच्छी चीजों में भी बुराई ढूंढते हैं। 
  7. जिसके पास सत्य है उसकी आत्मा पवित्र रहती है। 
  8. उड़ने में बुराई नहीं आप भी उड़े लेकिन उतना ही उड़े जहां से जमीन साफ दिखाई देती है। 
  9. अनुशासन  लादा नहीं जा सकता, स्वेच्छा से होना चाहिए तभी वह टिकाऊ होगा, कभी भी दबाव से किसी नियम का हर समय पालन नहीं कराया जा सकता। 
  10. दुश्मन से व्यक्ति स्वयं सावधान रहता है, लेकिन चापलूस व्यक्ति उनसे कम नहीं होता आपके सामने बढ़ाई और पीठ पीछे बुराई करते हैं , सावधान रहें। 
  11. संसार में आदमी के जुबान पर दो चीज एक साथ रहती हैं जहर व अमृत आदमी शब्दों से चाहे तो अमृत बरसा दे या जहर। 
  12. लक्ष्य जितना बड़ा हो, बाधाएं भी उतनी बड़ी होगी। लक्ष्य पाने के लिए आत्मविश्वास और सम्मान भी उच्च स्तर का रखना चाहिए। 
  13.  मनुष्य का सच्चा साथी उसका आत्मविश्वास है, जो हर स्थिति में उसे संभालता है, क्योंकि आज विश्वास ही हमारी समस्त चेतना व ऊर्जा को एकत्रित करता है और लक्ष्य निर्धारित करता है। 
  14. दूसरों पर ज्यादा निर्भर रहने से आत्मिक दुर्बलता आती है, असली शक्ति स्वयं पर भरोसा और ईश्वर पर विश्वास रखने पर आती है। 
  15. इस दुनिया में आए हैं तो कर्म करने के लिए हमारा मालिक ईश्वर बना है और हम उसके यंत्र मात्र हैं। 
  16. दुख से जितना भागो गे उतना पीड़ा होगी दुख बंधन की तरह है, जो पीठ दिखाने पर पीछा करता है सामने पड़ने पर भाग जाता है। 
  17. सफलता किस्मत से नहीं, मेहनत से प्राप्त होती है। यह याद रखना किस्मत बनती तभी है जब आदमी मेहनत करता है। 
  18. दुनिया में अकेलापन सबसे बड़ी सजा है, और एकांत जीवन का सबसे बड़ा वरदान। 
  19. अमीरी दिल से होती है, धन से नहीं, धन से दिखावा होता है।  इसलिए दरियादिली दिल से करो। 
  20. यूँ तो जिंदगी में आवाज़ देने वाले हज़ारो मिलेंगे, लेकिन अपनेपन  से बैठने वाला एक ही होगा। 
  21. दौलत सिर्फ आपका रहन सहन का स्तर बदल सकती है परन्तु आपके बुद्धि के तकदीर को नहीं। 
  22. मनुष्य मनुष्य को धोका नहीं देता, बल्कि उसकी उम्मीद धोका देती है जो हमने उससे लगा रखी थी। 
  23.  ऊंचे आसन पर बैठना बड़प्पन नहीं बल्कि सोच में होना चाहिए, इससे स्वयं बड़प्पन झलके।
  24.  किसी की राह में फूल ना बिखेरे कोई बात नहीं, लेकिन जुबान से दूसरों के लिए दुआ जरूर बिखेरे। 
  25. मुश्किलों का दौर कुछ सिखा कर ही जाएगा, मायूस ना होना मेरे दोस्त इस मुश्किल के वक्त में, कल जो आज है जो आज है वह कल बन जाएगा। 
  26.  जब रिश्तो में अपनापन खत्म हो जाए, तो  सारी नाराजगी भी अपने आप खत्म होने लगती है। 
  27. उम्र से आपको सम्मान तो जरूर मिलेगा लेकिन आपको आदर आपके व्यवहार से ही मिलेगी। 
  28.  ईमानदार लोग अकल मंद होते हुए भी धोखा खा जाते हैं क्योंकि वह दूसरों को भी ईमानदार समझ कर विश्वास कर बैठते हैं। 
  29. जो व्यक्ति सम्मानित होकर घमंड नहीं करता और अपमानित होकर क्रोधित नहीं  होता वही व्यक्ति श्रेष्ठ होता है। 
  30. मौज में आए ऊपर वाला को सरताज बना देता है, जरा नजर फेर लो तो कोड़ी का मुंह ताज बन जाता है। 
  31. प्रकृति में परमात्मा नहीं बल्कि प्रकृति ही परमात्मा है। जो दृश्य है वह जगत है जो हिस्सा अदृश्य है वह परमात्मा है। 
  32. इस संसार को जीत सकते है आप अपने संस्कार से, और जो जीता है उसे खो सकते है बस एक अहंकार से।
  33. झूठ कहूं तो शब्दों का दम घुटता है, और सच कहूं तो सुनने वाले खफा हो उठते है।
  34. जीवन को ढो मत, हर एक पल में उत्सव है। हर एक स्थिति में खुश रहने का प्रयास करो। क्योंकि कब क्या हो जाए किसी को नहीं पता।
  35. अभाव में खुश रहना सीखो, जिसको रोने की आदत है, वह सब पाने के बाद भी दुखी रहता है।
  36. हमेशा आप मुस्कुराते रहे। एक प्यार भारी मुस्कान दूसरों को मुस्कराने पर विवश कर देती है । 
  37. जीवन जीना है तो दृष्टिकोण को ध्यान में रखे, की आज आपके जीवन का महत्वपूर्ण दिन है, ना कि कल जो आया था और ना ही आने वाला।
  38. आप अपनी एक गलती को लेकर बैठे ना रहे, इसके बजाए आप यह ढूंढे की आप आपने आज को कैसे उज्ज्वल बना सकते है।
  39.  जीवन में समस्याएं घने बादलों की तरह होती है, कोई ठिकाना नहीं होता कि कब गरज पड़े, स्वयं को हमेशा इन बदलो से सतर्क रखे।
  40. घड़ी की सुईयों की तरह परिवार होता है कोई छोटा व बड़ा स्लो व फास्ट जब भी कोई विपत्ति आती है तब सब की सुई में 12:00 बज जाते हैं, और सब एक साथ आ जाते हैं।
  41. प्रेम की डोर बहुत नाजुक व मजबूत होती है यदि ईश्वर से लग जाए तो सारे दुख समाप्त हो जाते हैं।
  42. यदि आप किसी के प्रति नकारात्मक सोचते हैं बोलते हैं, तो उस व्यक्ति का नुकसान नहीं होता परंतु, आपका मन पीड़ित जरूर हो जाता है, और उसी को आप अपने दिल में महसूस करने लगते हैं।
  43. एक छोटी सी लड़ाई से हम अपने रिश्ते खत्म कर देते हैं, इससे अच्छा है कि हम अपने प्यार से उन लड़कियों को खत्म कर दे।
  44. अगर आप किसी को दुख देंगे तो आपके कदमों में दुख के कर्म भी लिख जाएंगे यदि आप सुख देंगे तो सुख के मालिक बन जाएंगे। आपको अपने कर्मों को अच्छा बनाना है, प्रकृति भी हमें हर चीज निस्वार्थ देती है और हमें भी निस्वार्थ सेवा करना है।
  45. मन ही आपका मित्र है और मन ही आपका दुश्मन यदि आप मन पर काबू रखेंगे तो आप किसी के दुश्मन नहीं रहेंगे।
  46. कामयाबी के दरवाजे उन्हीं के लिए खुलते हैं जो उन दरवाजों को खटकाने की हिम्मत रखते हैं।
  47. आपका आज का दिन जो मिला है उसे ईश्वर का उपहार समझिए और इस उपहार का आनंद लीजिए।
  48. पूरा दिन यह दोहराते रहें कि आज के दिन एक उपहार से कम नहीं, और ऐसा करने से आपको स्वयं खुशी महसूस होने लगेगी, आप किसी भी कारण की वजह से परेशान नहीं होंगे, परंतु और अधिक शक्तिशाली महसूस करने लगेंगे।
  49. कभी-कभी व्यक्ति अपने आप को अच्छा दिखाने के लिए सामने वाले से झूठ बोल देता है क्योंकि वह इस गलतफहमी में रहता है कि सामने वाला उसकी प्रतिष्ठा को उसी प्रकार आंकेगा।
  50. ऐसे लोगों से दूर रहे जो आपके तारीफों का पुल बांधते हो, आपको स्वयं अपनी मूल व कीमत निकालनी होगी, और ऐसे लोगों से दो कदम दूर रहना पड़ेगा।
  51. हर रिश्तो में जीना इसलिए जरूरी है, प्यार दिलों में जोड़ता है, जख्म भर देता है
    और हर रिश्ते में प्यार जरूर होता है।
  52. प्रेम के तीन स्तर है शरीर मन और आत्मा सच्चा प्रेम समय व स्थान से परे होता है, वह बरसने से खुश होता है और भरे बादलों की तरह बरसता है।
  53. भगवान के डर व इंसान को शर्म दोनों चीजें मनुष्य को इंसान बनने पर मजबूर करती हैं।
  54. दुनिया बड़ी सुंदर है, इसे विवेक चिंता और शुभ आचरण से और अधिक सुंदर बनाया जा सकता है।
  55. अग्नि चाहे दीपक की हो या मोमबत्ती की इसके दो कार्य हैं जलना और प्रकाश करना यह हमारे विवेक पर निर्भर करता है कि हम इसका प्रयोग कैसे करते हैं।
  56. सब जानते हैं कि वह अकेले कुछ नहीं कर सकते, जब तक अच्छा साथी ना हो लेकिन फिर भी हम अपना केवल स्वार्थ सोचते हैं।
  57. बहुत अधिक आवश्यकताएं असत्य आचरण करने को मजबूर करती हैं इसलिए ‘मृगतृष्णा से बचें ‘।
  58. वक़्त की इंतज़ा कुछ और है, कौन जी सका जिंदगी में अपने मुताबिक, दिल चाहता कुछ है, होता कुछ है। 
  59. रिस्तो से अपेक्षा रखना  स्वार्थ नहीं, मगर अपेक्षा के लिए रिश्ते रखना स्वार्थ है।
  60. जो समय का मूल समझते है, समय उन्हें अनमोल बना देता है।
  61. दुनिया में प्रत्येक व्यक्ति अपनी योग्यता के अनुसार चमकता है, इच्छा अनुसार नहीं।
  62.  उम्र थका नहीं सकती, ठोकरे गिरा नहीं सकती, और, अगर जितने की ज़िद हो तो, परिस्थिया हरा नहीं सकती।
  63. अगर बच्चे को उपहार न दिया जाये तो वह कुछ समय तक के लिए रोएगा, यदि संस्कार नहीं  दिया जाये तोवह जिंदगी भर रोएगा।
  64.  जिस दिन हम समझ जायेंगे की सामने वाला गलत नहीं है, सिर्फ उसकी सोच गलत है, उस दिन से जीवन के दुःख समाप्त हो जाएंगे।
  65. जिससे बात करने से ख़ुशी दोगुनी, दुःख आधा रह जाये वो ही अपना है, बाकि सब दुनिया ही है।
  66. सारी दुनिया आपके सामने झुकें, दुआ ऐसी कभी मत मांगना, लेकिन दुनिया की कोई ताकत आपको, झुका न सके ये दुआ ज़रूर मांगना। 
  67.  दुनिया का सबसे बड़ा गिफ्ट है, किसीके दिल से याद करना, उसे अहसास कराना की आप हमारे लिए स्पेशल हो। 
  68. दुखी आदमी यदि अकेले में भगवन के सामने रोता  है, तो उसका दिल हल्का हो जाता है, अहसास होता है की सारा दुःख, ईश्वर से कह दिया। 
  69. इस जिंदगी में दर्द सब देते है, जो दर्द समझ सके, वही सही में “हमदर्द” है।
  70.  सम्बंधो की गहराई का हुनर पेड़ो से सीखिए – जनाब जड़ो में ज़ख़्म लगते है, शाखाएँ सूख जाती है।
  71. मतलबी रिश्तो की बस इतनी सी कहानी है, अच्छे वक़्त में रिश्तेदार खुबिया गिनाते है, और बुरे वक़्त में कमिया।
  72.  मैं विधाता हो कर भी, विधि का विधान बदल न सका, मेरी चाह राधा थी, चाहती थी मीरा पर मैं रुक्मिणी को मिला।
  73. भरोसा खुद पर रखो, तो ताकत अपनी बनती है, दुसरो पर रखो तो कमज़ोरी बनती है।
  74. आप सही कब थे याद नहीं होता, गलत हमेशा याद बनाये रखता है।
  75. थक गया था सबकी परवाह करते करते, जब मैं लापरवाह हुआ हूँ, तो जिंदगी में सुकून आ गया।
  76. ज़माने में कुछ लोग अपनी अकड़ से, न जाने कितने अछे रिश्ते खो देते है।
  77. जो आपके भाग्य में है, वे भाग कर आएगा, जो नहीं है, आकर के भी भाग जायेगा, इसलिए  बेहिसाब हसरतें न पाले, जो मिला है उसी को संभाले।
  78. समय के पास भी, इतना समय नहीं की वह आपको दुबारा समय दे सके।
  79. इंसान माकन बदले, वस्त्र बदले, समन्ध बदले, फिर भी वह दुखी है, क्युकी वह अपना स्वायभाव नहीं बदल पाता ।
  80. जिंदगी में सुखी रहना है, तो दूसरो से उमीदे रकना छोड़ दो।
  81. अच्छे बुरे कार्य के लिए मन का अहम् रोल होता है, इसलिए मन को स्वस्ध रखिये।
  82. प्रसन्न रहने का सरल तरीका है, उन्ही से वास्ता रखो, जिनसे आपका मन मिलता हो।
  83. जीवन को इतना शानदार बनाओ कि आपके मरने के बाद याद करके व्यक्ति के आँसू आ गए।
  84. जिंदगी की नजाने कौनसी बात “आखरी” है, और कौनसी रात आखरी है। 
  85. झूठ पहली बार बोला जाए बड़ा अच्छा लगता है लेकिन समय आने पर परेशानी भी देता है, सच पहली बार बोलना कठिन लगता है लेकिन सुकून जरूर मिलता है।
  86. जरूरी नहीं कि गलत कर्मों का ही दर्द मिले कभी-कभी अच्छे कर्मों का भी दर्द सहना पड़ता है, इसलिए कर्म के फल की उपेक्षा में ना रहे।
  87. अपने विचार शुद्ध रखो, अपने मन रूपी शरीर में होंगे होंगे फैसले सारे आपके पक्ष में।
  88. ईश्वर कहते हैं झूठ आप वहाँ बोलो ,जहा किसी का फायदा हो रहा हो, और आपको संतोष की प्राप्ति जरूर होगी।
  89. व्यक्ति को अपना एक झूठ छुपाने के चक्कर में और कई झूठ बोलने पड़ते हैं, अच्छाई जब सामने आती है तो चुप रहने के अलावा कुछ नहीं होता हमेशा, इसलिए सदैव सच बोले।
  90. कठिनाइयों से दूर भागने में कोई लाभ नहीं इससे छुटकारा नहीं मिलेगा, बल्कि ऐसा करने से वह और बड़ी हो जाएगी, हम पर टूट पड़ेगी। कठिनाइयों का सामना करें यह ही मनुष्य का निर्माण करेंगी।
  91. बिना कठिनाइयों से लड़े, जीत मिलती कहा, यह कठिनाइयां और ठोकरे हमारी सबसे बड़ी मित्र है जो हमारा मार्गदर्शन करती है एक गुरु की भांति।
  92. प्रेम गिरे हुए व्यक्ति को उठाता है, वही व्यक्ति हमेशा गिरते हैं जिनके अंदर प्रेम का अभाव होता है। प्रेम से वंचित व्यक्ति ही गलत रास्तों पर चले जाते हैं, प्रेम ही वह गुरु बन जाता है जो व्यक्ति को सही मार्ग दिखाता है।
  93. हिंसा, क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष व घृणा की भावना प्रेम से धुल जाती है। प्रेम में हिंसा नहीं दया और करुणा का निवास होता है।
  94. पेड़ पौधों में फल और फूल आ जाने से वह निर्मल बन जाते है ,मनुष्य धन प्राप्त करने के बाद घमण्ड से अपनी निर्मलता को खो देता है। मनुष्य को पेड़ पौधों से सीख लेनी चाहिए, जिस प्रकार फल-फूल पेड़ों में आने के बाद भी वह नम्रता रखते हैं, उसी प्रकार मनुष्य को भी धन प्राप्ति के बाद विनम्रता रखनी चाहिए।
  95. ऊंचे ऊंचे पहाड़ हमें यह सीख देते हैं चाहे सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी, तूफान क्यों ना हो वह उसी प्रकार अडिग खड़े रहते हैं, उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने दिए गए वचनो पर सदैव अडिग रहना चाहिए चाहे कितने भी विपरीत क्यों ना हो
  96. मधुमक्खियां भी झुंड में रहती हैं, वह एक स्थान से दूसरे स्थान पर झुंड में जाती है। हर एक छोटे से छोटा जीव भी हमें यह सीख देने के लिए उत्सुक है की एकता में ही शक्ति बसी होती है।
  97. जब आप दूसरों का दर्द मिटाने लगते हैं, ईश्वर आपके दर्दों का हल जरूर दे देता है।
  98. अगर आपको सुख शांति चाहिए तो मिलेग ,रिश्ते मिलेंगे और सेहत मिलेगी पर आपको भगवान से यह सब मांगना होगा। आप पूरे दिन पुरानी बातों को पकड़कर मत बैठिए और ईश्वर पर विश्वास रखिए, और आगे बढ़ते रहे।
  99. कभी कभी जीवन में ऐसा होता है, बड़ी-बड़ी परेशानियां यूं ही निकल जाती हैं जिसे हम बहुत बड़ी समझते हैं। कोई है जो साथ दे रहा होता है हमारा, उसी आदृश शक्ति का नाम भगवान है ,इसलिए अपने कार्य को संपूर्ण क्षमता से करें क्योंकि ईश्वर आपका साथ दे रहा होता है।